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अद्य संस्कृतं शिक्षामहे – भागः ८ : अनुशासनम्

अद्य संस्कृतं शिक्षामहे भाग 8 में अनुशासनम् शब्द का अर्थ, सरल संस्कृत वाक्य-प्रयोग, व्याकरण, हिन्दी से संस्कृत अनुवाद अभ्यास तथा प्रेरणादायक सामग्री प्रस्तुत है। विद्यार्थियों एवं संस्कृत सीखने वाले सभी पाठकों के लिए उपयोगी।

By SanskritLearn

अद्य संस्कृतं शिक्षामहे – भागः ८ अनुशासनम् — Discipline

अद्य वयं “अनुशासनम्” इति शब्दस्य अर्थं प्रयोगं च शिक्षामहे। अनुशासनम् उत्तमजीवनस्य आधारः अस्ति। यः अनुशासनं पालयति, सः सर्वत्र सम्मानं, सफलतां च प्राप्नोति।

शब्दपरिचयः

अनुशासनम् = अनुशासन, नियमों का पालन

अनुशासनं पालयति = अनुशासन का पालन करता है। अनुशासितः = अनुशासित अनुशासनप्रियः = अनुशासन को प्रिय मानने वाला

सरलवाक्यप्रयोगाः

१. अनुशासनं जीवनस्य भूषणम् अस्ति। अनुशासन जीवन का आभूषण है।

२. विद्यार्थी अनुशासनं पालयन्ति। विद्यार्थी अनुशासन का पालन करते हैं।

३. अनुशासितः विद्यार्थी सर्वत्र प्रशंसां प्राप्नोति। अनुशासित विद्यार्थी सर्वत्र प्रशंसा प्राप्त करता है।

४. विद्यालये अनुशासनस्य विशेषं महत्त्वम् अस्ति। विद्यालय में अनुशासन का विशेष महत्त्व है।

५. अस्माभिः सर्वदा नियमान् पालयितव्यान्। हमें सदैव नियमों का पालन करना चाहिए।

६. अनुशासनं सफलतायाः मार्गं प्रशस्तं करोति। अनुशासन सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

७. अनुशासनहीनः जनः बहून् क्लेशान् प्राप्नोति। अनुशासनहीन व्यक्ति अनेक कष्ट पाता है।

८. अनुशासनेन समाजे व्यवस्था भवति। अनुशासन से समाज में व्यवस्था बनी रहती है।

व्याकरणम्

अनुशासनम् — नपुंसकलिङ्गशब्दः।

विशेषप्रयोगाः अनुशासनं पालय। — अनुशासन का पालन करो। नियमान् मा लङ्घय। — नियमों का उल्लंघन मत करो। अनुशासितः भव। — अनुशासित बनो। समये कार्यं कुरु। — समय पर कार्य करो। स्वयं प्रयास करें हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद कीजिए— अनुशासन सफलता की कुंजी है। हमें विद्यालय के नियमों का पालन करना चाहिए। अनुशासित विद्यार्थी सभी को प्रिय होता है। मैं सदैव अनुशासन का पालन करूँगा। अनुशासन से जीवन सुखमय बनता है। उत्तराणि अनुशासनं सफलतायाः कुञ्जिका अस्ति। अस्माभिः विद्यालयस्य नियमाः पालनीयाः। अनुशासितः विद्यार्थी सर्वेषां प्रियः भवति। अहं सर्वदा अनुशासनं पालयिष्यामि। अनुशासनेन जीवनं सुखमयं भवति। अद्यतनं भाषासूत्रम्

अनुशासनं उन्नतेः मूलम्।

अर्थः — अनुशासन ही उन्नति का मूल आधार है।

अद्यतनः लघुसङ्कल्पः

अद्य अहं समयपालनं करिष्यामि, अनुशासनं च पालयिष्यामि।

अर्थः — आज मैं समय का पालन करूँगा और अनुशासन का भी पालन करूँगा।

प्रेरणासुभाषितम्

विनयाद् याति पात्रताम्।

भावार्थः: विनय और अनुशासन से मनुष्य योग्य बनता है तथा सम्मान प्राप्त करता है।