कक्षा 10 संस्कृत (मणिका) पाठ 5 – श्लोक 8 आधारित 5 अंकों के प्रश्न
CBSE कक्षा 10 संस्कृत (मणिका) पाठ 5 "अभ्यासवशगं मनः" के श्लोक 8 पर आधारित 5 अंकों का अभ्यास। एकपदेन, पूर्णवाक्येन (तीन में से दो) तथा निर्देशानुसार प्रश्न एवं उत्तरमाला सहित परीक्षा-उपयोगी सामग्री।
By SanskritLearn
कक्षा 10 संस्कृत (मणिका) पाठः ५ – अभ्यासवशगं मनः श्लोकः ८
असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम्। अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते॥
श्लोक ८ आधारित ५ अङ्कीय अभ्यासप्रश्नाः (CBSE Board Pattern) (अ) एकपदेन उत्तरत। (केवलं प्रश्नद्वयम्) (½ × 2 = 1)
१. मनः कीदृशम् अस्ति?
२. मनः केन गृह्यते?
३. श्रीकृष्णः अर्जुनं केन नाम्ना सम्बोधयति?
(आ) पूर्णवाक्येन उत्तरत। (केवलं प्रश्नद्वयम्) (1 × 2 = 2)
१. भगवान् श्रीकृष्णः मनसः विषये किं कथयति?
२. मनः कथं गृह्यते?
३. श्लोके मनोनिग्रहस्य उपायौ कौ स्तः?
(इ) निर्देशानुसारम् उत्तरत। (1 × 2 = 2)
१. 'चलम्' इति पदस्य विलोमपदं लिखत।
२. 'मनो' इति पदस्य द्वे विशेषणपदे श्लोकात् चित्वा लिखत।
उत्तरमाला (अ) एकपदेन
१. चलम्।
२. अभ्यासेन वैराग्येण च।
३. कौन्तेय।
(आ) पूर्णवाक्येन
१. भगवान् श्रीकृष्णः कथयति यत् मनः दुर्निग्रहं चलं च अस्ति।
२. मनः अभ्यासेन वैराग्येण च गृह्यते।
३. मनोनिग्रहस्य उपायौ अभ्यासः वैराग्यं च स्तः।
(इ) निर्देशानुसारम्
१. स्थिरम्।
२. दुर्निग्रहम्, चलम्।