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टाप् तथा ङीप् प्रत्यय | CBSE Class 10 संस्कृत
By SanskritLearn
टाप् तथा ङीप् प्रत्यय (CBSE Class 10)
संस्कृत में स्त्रीलिङ्ग शब्द बनाने के लिए टाप् तथा ङीप् प्रत्यय का प्रयोग होता है। ये दोनों तद्धित/स्त्रीप्रत्ययों में महत्वपूर्ण हैं।
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1. टाप् प्रत्यय
जब पुल्लिङ्ग शब्द के अन्त में आ (ा) जोड़कर स्त्रीलिङ्ग बनाया जाता है, वहाँ टाप् प्रत्यय होता है।
नियम
पुल्लिङ्ग + टाप् = स्त्रीलिङ्ग (आकारान्त)
उदाहरण
- बालक→ बालिका
- शिक्षक → शिक्षिका
- गायक→ गायिका
- लेखक → लेखिका
- सेवक→ सेविका
- नायक→ नायिका
- पाठक→ पाठिका
- पालक→ पालिका
- रक्षक→ रक्षिका
- साधक→ साधिका
विशेषता
टाप् प्रत्यय से बने शब्दों के अन्त में प्रायः आ आता है।
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2. ङीप् प्रत्यय
जब पुल्लिङ्ग या विशेषण शब्द के अन्त में ई (ी) जोड़कर स्त्रीलिङ्ग बनाया जाता है, वहाँ ङीप् प्रत्यय होता है।
नियम
पुल्लिङ्ग/विशेषण + ङीप् = स्त्रीलिङ्ग (ईकारान्त)
उदाहरण
- पुत्र→ पुत्री
- कुमार→ कुमारी
- देव→ देवी
- गौर → गौरी
- राजन्→ राज्ञी
- तपस्विन् → तपस्विनी
- दानिन् → दानिनी
- योगिन्→ योगिनी
- विद्यार्थिन् → विद्यार्थिनी
- गुणवत्→ गुणवती
विशेषता
ङीप् प्रत्यय से बने शब्दों के अन्त में सामान्यतः ई आता है।
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टाप् और ङीप् में अन्तर
| टाप् | ङीप् |
|---|---|
| आ (ा) जोड़ता है | ई (ी) जोड़ता है |
| बालक → बालिका | पुत्र → पुत्री |
| गायक → गायिका | देव → देवी |
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परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण उदाहरण
बालिका, शिक्षिका, गायिका, नायिका, पुत्री, देवी, योगिनी, विद्यार्थिनी, गुणवती, कुमारी।