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विसर्ग सन्धि (उत्व, रत्व, सत्व, लोप) | संस्कृत Class 10

By SanskritLearn

विसर्ग सन्धि (CBSE Class 10)

जब किसी शब्द के अन्त में विसर्ग (ः) हो और उसके बाद दूसरा वर्ण आए, तब उच्चारण की सुविधा के लिए विसर्ग में जो परिवर्तन होता है, उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं।

उदाहरण— रामः + अस्ति = रामोऽस्ति

यहाँ “रामः” के अन्त का विसर्ग बदल गया है।

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विसर्ग सन्धि के मुख्य प्रकार

1. उत्व सन्धि (ओत्व)

जब विसर्ग से पहले हो और उसके बाद कोई स्वर अथवा वर्ग का तृतीय, चतुर्थ, पंचम वर्ण आए, तब विसर्ग पहले में बदलता है और फिर पूर्व के अ के साथ मिलकर बन जाता है।

नियम [ क]-्अ:+३,४,५वर्ण,ह,य,र,व,ल=ओ

[ख]-अ:+अ=ोऽ

प्रक्रिया

रामः + अस्ति = राम + उ + अस्ति = रामोऽस्ति

उदाहरण

क:+अपि=कोऽपि

  • रामः + अस्ति = रामोऽस्ति
  • लोकः + अयम् = लोकोऽयम्
  • मनः + हरः = मनोहरः
  • यशः + दा = यशोदा
  • अधः + गच्छति = अधोगच्छति

ध्यान दें

यदि विसर्ग से पहले अ हो, तो उत्व सन्धि की संभावना अधिक होती है।

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2. रत्व सन्धि

जब विसर्ग से पहले इ, ई, उ, ऊ, ऋ हो और बाद में कोई स्वर या कोमल व्यंजन आए, तब विसर्ग का र् हो जाता है।

नियम

इः / ईः / उः / ऊः / ऋः + स्वर /3,4,5 ,ह,य,व,र,ल= र्

प्रक्रिया

निः + आशा = निराशा

उदाहरण

  • निः + आशा = निराशा
  • निः + उपायः = निरुपायः
  • दुः + अर्थः = दुरर्थः
  • दुः + उपयोगः = दुरुपयोगः
  • निः + इह = निरिह ,सृष्टि:+एषा=सृष्टिरेषा

विशेष बात

यह नियम “निः” और “दुः” वाले शब्दों में सबसे अधिक मिलता है।

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3. सत्व सन्धि

विसर्ग के बाद च ,छ,श ,हो तब :=श् जब विसर्ग के बाद ट,ठ,ष तब :=ष् जब विसर्ग के बाद त, थ, स,क, आएँ, तब विसर्ग का स् हो जाता है।

नियम

ः + त / थ / स /क = स् , :+च,छ,श=श्  ,ट,ठ,ष=ष्

प्रक्रिया

नमः + ते = नमस्ते

उदाहरण

राम:+च=रामश्च

  • नमः + ते = नमस्ते
  • मनः + तापः = मनस्तापः
  • यशः + स्तुति := यशस्स्तुति:
  • निः + सन्देहः = निस्सन्देहः

याद रखें

त, थ, स देखने पर प्रायः विसर्ग “स्” बन जाता है।

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4. लोप सन्धि

जब विसर्ग का उच्चारण कठिन हो जाता है, तब कभी-कभी उसका लोप (हट जाना) हो जाता है।

नियम क-अ:+अ को छोड कर कोई भी स्वर =लोप

ख-आ:+3,4,5,वर्ण कोई भी स्वर/ह,य,व ,र,ल=लोप ग-स:,एष:+कोई भी स्वर ,व्यंजन=लोप

उदाहरण

  • अतः + एव = अत एव
  • स:+विवेक:=स विवेक:
  • बालका:+धावन्ति= बालका धावन्ति
  • एष:+बालक:=एष बालक:

समझिए

यहाँ विसर्ग हट जाता है, पर अर्थ वही रहता है।

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चारों नियम एक साथ याद करें

प्रकारपहचान
उत्वअः → ओ
रत्वविसर्ग → र्
सत्वविसर्ग → स्
लोपविसर्ग हट जाता है

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परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण उदाहरण

रामोऽस्ति, लोकोऽयम्, निराशा, दुरुपयोगः, नमस्ते, निस्सन्देहः,