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अव्ययानि | CBSE Class 9 संस्कृत

CBSE Class 9 के लिए संस्कृत अव्यय शब्दों का सरल विश्लेषण, प्रकार और उदाहरण सहित अध्ययन।

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अव्ययानि (CBSE Class 9)

संस्कृत में ऐसे शब्द जिनके रूप लिङ्ग, वचन, विभक्ति आदि के अनुसार नहीं बदलते, उन्हें अव्यय कहते हैं। अर्थात् अव्यय शब्द सदैव एक ही रूप में रहते हैं।

उदाहरण— उच्चैः, शनैः, अद्य, सर्वदा आदि।

CBSE Class 9 में अव्यय मुख्यतः चार प्रकार के पढ़ाए जाते हैं—

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1. स्थानवाचक अव्यय

जो स्थान (Place) का बोध कराते हैं, उन्हें स्थानवाचक अव्यय कहते हैं।

मुख्य शब्द

अत्र, तत्र, अन्यत्र, सर्वत्र, यत्र, एकत्र, उभयत्र

उदाहरण

  • अत्र छात्राः पठन्ति। (यहाँ छात्र पढ़ते हैं।)
  • तत्र वृक्षाः सन्ति। (वहाँ वृक्ष हैं।)
  • यत्र रामः अस्ति, तत्र सीता अपि अस्ति।

पहचान

ये “कहाँ?” का उत्तर देते हैं।

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2. कालवाचक अव्यय

जो समय (Time) का बोध कराते हैं, उन्हें कालवाचक अव्यय कहते हैं।

मुख्य शब्द

यदा, तदा, सर्वदा, एकदा, पुरा, अधुना, अद्य, श्वः, ह्यः

उदाहरण

  • अद्य विद्यालयः अवकाशः अस्ति।
  • श्वः परीक्षा भविष्यति।
  • सः सर्वदा सत्यं वदति।

पहचान

ये “कब?” का उत्तर देते हैं।

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3. प्रश्नवाचक अव्यय

जो प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होते हैं, उन्हें प्रश्नवाचक अव्यय कहते हैं।

मुख्य शब्द

किम्, कुत्र, कति, कदा, कुतः, कथम्, किमर्थम्

उदाहरण

  • त्वं कुत्र गच्छसि?
  • सः कदा आगच्छति?
  • एतत् किमर्थम् आवश्यकम्?

पहचान

ये प्रश्न पूछने के लिए आते हैं।

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4. अन्य अव्यय

जो सामान्य अर्थों में प्रयुक्त होते हैं—

मुख्य शब्द

च, अपि, यदि, तर्हि, तथा, सम्यक्, एव, तु

उदाहरण

  • रामः सीता वनं गच्छतः।
  • यदि त्वं पठसि, तर्हि सफलः भविष्यसि।
  • सः अपि विद्यालयं गच्छति।

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स्मरणीय सूत्र

  • अत्र, तत्र → स्थानवाचक
  • अद्य, श्वः, सर्वदा → कालवाचक
  • कुत्र, कदा, कथम् → प्रश्नवाचक
  • च, अपि, यदि, तर्हि → सामान्य अव्यय

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परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण अव्यय

अत्र, तत्र, यत्र, अद्य, श्वः, सर्वदा, कुत्र, कदा, कथम्, यदि, तर्हि, च, अपि।