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कक्षा 9 CBSE संस्कृत कारक-उपपद-विभक्ति |[ द्वितीया से सप्तमी ]
कक्षा 9 CBSE संस्कृत पाठ्यक्रमानुसार द्वितीया से सप्तमी विभक्ति तक कारक-उपपद, उनके अर्थ तथा सरल संस्कृत उदाहरण। परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी व्याकरण सामग्री।
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कक्षा 9 CBSE संस्कृत कारक–उपपद–विभक्तयः — द्वितीया से सप्तमी तक
१. द्वितीया विभक्तिः उपपदम् अर्थः उदाहरणम् उभयतः-- दोनों ओर-- मार्गम् उभयतः वृक्षाः सन्ति। — मार्ग के दोनों ओर वृक्ष हैं। धिक् -धिक्कार --धिक् दुष्टं जनम्। — दुष्ट व्यक्ति को धिक्कार है। परितः- चारों ओर- ग्रामं परितः क्षेत्राणि सन्ति। — गाँव के चारों ओर खेत हैं। निकषा- समीप / पास -गृहं निकषा उद्यानम् अस्ति। — घर के पास उद्यान है। प्रति -की ओर / प्रति-- छात्रः विद्यालयं प्रति गच्छति। — छात्र विद्यालय की ओर जाता है। विना -बिना- जलम् विना जीवनं न सम्भवति। — जल के बिना जीवन सम्भव नहीं है। २.{ तृतीया विभक्तिः} उपपदम् अर्थः उदाहरणम् सह --साथ --रामः मित्रेण सह गच्छति। — राम मित्र के साथ जाता है। साकम्- साथ- सीता भ्रात्रा साकं गच्छति। — सीता भाई के साथ जाती है। समम् -समान / साथ- रामः मोहेनेन समं क्रीडति। — राम मोहन के साथ खेलता है। सार्धम्- आधिक्य सहित / साथ -अहं मित्रेण सार्धं गच्छामि। — मैं मित्र के साथ जाता हूँ। विना- बिना -परिश्रमेण विना सफलता न भवति। — परिश्रम के बिना सफलता नहीं होती। अलम् -बस- अलम् विवादेन। —विवाद बन्द करो। सदृशम्- समान --पुत्रः पित्रा सदृशः अस्ति। — पुत्र पिता के समान है। हीन- रहित / कम- सः धनेन हीनः अस्ति। — वह धन से रहित है। ३.{ चतुर्थी विभक्तिः} उपपदम् अर्थः उदाहरणम् रुच् -अच्छा लगना / रुचि होना- बालकाय फलम् रोचते। — बालक को फल अच्छा लगता है। दा / यच्छ् --देना- गुरुः छात्राय पुस्तकं यच्छति। — गुरु छात्र को पुस्तक देता है। नमः- नमस्कार- गुरवे नमः। — गुरु को नमस्कार। कुप्- क्रोधित होना- माता पुत्राय न कुप्यति। — माता पुत्र पर क्रोधित नहीं होती। स्वस्ति- कल्याण / मंगल- सर्वेभ्यः स्वस्ति। — सभी का कल्याण हो। ४.{ पञ्चमी विभक्तिः} उपपदम् अर्थः उदाहरणम् विना -बिना -भयात् विना सत्यं वद। — भय के बिना सत्य बोलो। बहिः -बाहर -विद्यालयात् बहिः छात्राः तिष्ठन्ति। — विद्यालय के बाहर छात्र खड़े हैं। भी -डरना- बालकः सिंहात् बिभेति। — बालक सिंह से डरता है। रक्ष्- रक्षा करना -सैनिकः देशं शत्रुभ्यः रक्षति। — सैनिक देश की शत्रुओं से रक्षा करता है। ऋते- बिना / छोड़कर- ज्ञानात् ऋते जीवनं व्यर्थम्। — ज्ञान के बिना जीवन व्यर्थ है। ५.[ षष्ठी विभक्तिः] उपपदम् अर्थः उदाहरणम् उपरि- ऊपर- वृक्षस्य उपरि पक्षी अस्ति। — वृक्ष के ऊपर पक्षी है। अधः-नीचे- वृक्षस्य अधः बालकः उपविशति। — वृक्ष के नीचे बालक बैठता है। पुरतः- सामने- विद्यालयस्य पुरतः उद्यानम् अस्ति। — विद्यालय के सामने उद्यान है। पृष्ठतः- पीछे -गृहस्य पृष्ठतः उद्यानम् अस्ति। — घर के पीछे उद्यान है। निर्धारणे -निश्चित / तुलना में -छात्राणां रामः श्रेष्ठः अस्ति। — छात्रों में राम श्रेष्ठ है। ६.[ सप्तमी विभक्तिः] उपपदम् अर्थः उदाहरणम् स्निह् -स्नेह करना- माता पुत्रे स्निह्यति। — माता पुत्र से स्नेह करती है। निपुणः- कुशल -सीता नृत्ये निपुणा अस्ति। — सीता नृत्य में कुशल है। विश्वस् -विश्वास करना -अहं त्वयि विश्वसिमि। — मैं तुम पर विश्वास करता हूँ। पटुः- निपुण / कुशल --सः गणिते पटुः अस्ति। — वह गणित में निपुण है। 🌿[ परीक्षा के लिए विशेष स्मरण]
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द्वितीया → उभयतः, धिक्, परितः, निकषा, प्रति, विना तृतीया → सह, साकम्, समम्, सार्धम्, विना, अलम्, सदृश, हीन चतुर्थी → रुच्, दा/यच्छ्, नमः, कुप्, स्वस्ति पञ्चमी → विना, बहिः, भी, रक्ष्, ऋते षष्ठी → उपरि, अधः, पुरतः, पृष्ठतः, निर्धारणे सप्तमी → स्निह्, निपुणः, विश्वस्, पटुः