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संस्कृत प्रत्यय | CBSE Class 9
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प्रत्यय (CBSE Class 9)
संस्कृत में धातु के साथ जो शब्दांश जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं। प्रत्यय लगने से क्रिया का अर्थ और रूप बदल जाता है।
CBSE Class 9 में निम्न प्रत्यय महत्वपूर्ण हैं—
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1. क्त्वा प्रत्यय
जब एक क्रिया समाप्त होकर दूसरी क्रिया होती है, तब क्त्वा प्रत्यय लगता है। इसका अर्थ होता है — करके
नियम
धातु + क्त्वा
उदाहरण
- पठ् + क्त्वा = पठित्वा (पढ़कर)
- गम् + क्त्वा = गत्वा (जाकर)
- लिख् + क्त्वा = लिखित्वा (लिखकर)
प्रयोग
- सः पुस्तकं पठित्वा विद्यालयं गच्छति।
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2. तुमुन् प्रत्यय
यह प्रत्यय उद्देश्य (for doing) बताता है। इसका अर्थ — करने के लिए
नियम
धातु + तुमुन् = तुम्
उदाहरण
- पठ् + तुमुन् = पठितुम्
- गम् + तुमुन् = गन्तुम्
- खाद् + तुमुन् = खादितुम्
प्रयोग
- बालकः विद्यालयं पठितुम् गच्छति।
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3. ल्यप् प्रत्यय
जब उपसर्गपूर्वक धातु हो और “करके” अर्थ देना हो, तब ल्यप् प्रत्यय लगता है।
नियम
उपसर्ग + धातु + ल्यप् = य
उदाहरण
- आ + गम् + ल्यप् = आगत्य
- वि + लिख् + ल्यप् = विलिख्य
- प्र + नम् + ल्यप् = प्रणम्य
प्रयोग
- छात्रः गुरुम् प्रणम्य उपविष्टः।
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4. क्त प्रत्यय
यह भूतकाल का बोध कराता है। अर्थ — किया गया
नियम
धातु + क्त
उदाहरण
- लिख् + क्त = लिखितः
- पठ् + क्त = पठितः
- खाद् + क्त = खादितः
प्रयोग
- पत्रं मया लिखितम्।
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5. क्तवतु प्रत्यय
यह कर्ता द्वारा किए गए कार्य का बोध कराता है। अर्थ — कर चुका
उदाहरण
- गम् + क्तवतु= गतवान्
- पठ् + क्तवतु= पठितवान्
- लिख् + क्तवतु= लिखितवान्
प्रयोग
- रामः गृहं गतवान्।
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6. शतृ प्रत्यय
वर्तमान काल में चल रही क्रिया को बताता है।
उदाहरण पु•-गच्छत्,स्त्री.-नदी,नपु.-जगत्
- पठ् + शतृ = पठन्
- गम् + शतृ = गच्छन्
- लिख् + शतृ = लिखन्
प्रयोग
- गच्छन् बालकः पतितः।
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7. शानच् प्रत्यय [बालक,लता,फल]
यह भी वर्तमान क्रिया का बोध कराता है, विशेषकर आत्मनेपदी धातुओं में।
उदाहरण
- सेव् + शानच् = सेवमानः
- लभ् + शानच् = लभमानः
- वन्द् + शानच् = वन्दमानः
प्रयोग
- बालकः गुरुम् वन्दमानः अस्ति।
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स्मरणीय सूत्र
- क्त्वा = करके
- तुमुन् = करने के लिए
- ल्यप् = करके (उपसर्गयुक्त)
- क्त = किया गया
- क्तवतुँ = कर चुका
- शतृ = करता हुआ
- शानच् = करते हुए