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Script — Devanagari

प्रतिदिन संस्कृत सम्भाषणम् – भागः ५ : भोजनकाले

भोजनकाले होने वाला सरल संस्कृत संवाद, हिन्दी अर्थ, शब्दार्थ, दैनिक प्रयोग के वाक्य, अभ्यास, सुभाषित एवं प्रेरणावाक्य सहित। विद्यार्थियों तथा संस्कृत सीखने वाले सभी पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री।

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प्रतिदिन संस्कृत सम्भाषणम् – भागः ५ भोजनकाले (भोजन के समय) संवादः

माता : पुत्र! भोजनस्य समयः अभवत्। आगच्छ।

पुत्रः : आम्, अम्ब! अहम् आगच्छामि।

माता : हस्तौ प्रक्षाल्य उपविश।

पुत्रः : आम्। अद्य भोजनार्थं किं सिद्धम्?

माता : अद्य ओदनः, सूपम्, शाकम्, दधि च सन्ति।

पुत्रः : उत्तमम्। मम शाकं दधि च अतीव रोचते।

माता : प्रथमं शान्तिपूर्वकं प्रार्थनां कुरु, अनन्तरं भोजनं कुरु।

पुत्रः : आम्, अम्ब! प्रार्थनां कृत्वा एव भोजनं करिष्यामि।

माता : भोजनं व्यर्थं मा कुरु।

पुत्रः : अवश्यम्। अन्नस्य सम्मानं करिष्यामि।

हिन्दी अर्थ

माता: बेटा! भोजन का समय हो गया है। आओ।

पुत्र: जी, माँ! मैं आता हूँ।

माता: हाथ धोकर बैठो।

पुत्र: जी। आज भोजन में क्या बना है?

माता: आज चावल, दाल, सब्ज़ी और दही है।

पुत्र: बहुत अच्छा। मुझे सब्ज़ी और दही बहुत पसंद हैं।

माता: पहले शान्तिपूर्वक प्रार्थना करो, फिर भोजन करो।

पुत्र: जी, माँ! प्रार्थना करके ही भोजन करूँगा।

माता: भोजन व्यर्थ मत करना।

पुत्र: अवश्य। मैं अन्न का सम्मान करूँगा।

नवीनाः शब्दाः संस्कृतम् हिन्दी भोजनम् भोजन हस्तौ दोनों हाथ प्रक्षाल्य धोकर ओदनः चावल (पका हुआ) सूपम् दाल शाकम् सब्ज़ी दधि दही प्रार्थना प्रार्थना व्यर्थम् व्यर्थ सम्मानः सम्मान दैनिक-प्रयोग-वाक्यानि भोजनस्य समयः अभवत्। हस्तौ प्रक्षालय। उपविश। प्रार्थनां कुरु। भोजनं कुरु। अन्नं व्यर्थं मा कुरु। जलं पिब। धन्यवादः। अभ्यासः १. संस्कृतेन उत्तरत। माता पुत्रं किमर्थम् आह्वयति? अद्य भोजनार्थं किं सिद्धम्? भोजनात् पूर्वं किं कर्तव्यम्? २. रिक्तस्थानानि पूरयत। हस्तौ ________ उपविश। अद्य ________, सूपम, शाकम्, दधि च सन्ति। अन्नं ________ मा कुरु। आज का संस्कृत शब्द

ओदनः — पका हुआ चावल

उदाहरणम्: अहं मध्याह्ने ओदनं शाकेन सह खादामि।

आज का सुभाषितम्

अन्नदानं परं दानं विद्यादानमतः परम्।

भावार्थः: अन्नदान महान् है, किन्तु विद्यादान उससे भी श्रेष्ठ माना गया है।

आज का प्रेरणावाक्यम्

अन्नस्य सम्मानः, स्वास्थ्यस्य संरक्षणम्, संयमेन भोजनं च सुखमयजीवनस्य मूलम्।