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वर्णों के उच्चारण-स्थान | कक्षा 9 संस्कृत व्याकरण
कक्षा 9 संस्कृत के लिए वर्णों के उच्चारण-स्थान का सरल परिचय। कण्ठ, तालु, मूर्धा, दन्त और ओष्ठ के अनुसार संस्कृत वर्णों का वर्गीकरण एवं परीक्षा-उपयोगी प्रश्नोत्तर।
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वर्णों के उच्चारण-स्थान कक्षा 9 संस्कृत — परीक्षा-उपयोगी संक्षिप्त अध्ययन सामग्री
संस्कृत व्याकरण में वर्णों का उच्चारण-स्थान अत्यन्त महत्त्वपूर्ण विषय है। मुख के जिन विभिन्न स्थानों से वर्णों का उच्चारण होता है, उन्हें उच्चारण-स्थान कहते हैं। कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए इसे इस प्रकार सरलता से समझा जा सकता है।
- उच्चारण-स्थान की परिभाषा
मुखस्य येषु स्थानेषु वर्णानाम् उच्चारणं भवति, तानि वर्णानाम् उच्चारणस्थानानि कथ्यन्ते।
अर्थात्— मुख के जिन स्थानों से वर्णों का उच्चारण होता है, उन्हें वर्णों के उच्चारण-स्थान कहते हैं।
- प्रमुख उच्चारण-स्थान
संस्कृत में मुख्यतः निम्न उच्चारण-स्थान माने जाते हैं—
उच्चारण-स्थान वर्ण उदाहरण कण्ठः अ, आ तथा कण्ठ्य वर्ण अ, आ, क, ख, ग, घ, ङ तालुः इ, ई तथा तालव्य वर्ण इ, ई, च, छ, ज, झ, ञ, य, श मूर्धा ऋ, ॠ तथा मूर्धन्य वर्ण ट, ठ, ड, ढ, ण, र, ष दन्ताः ऌ तथा दन्त्य वर्ण त, थ, द, ध, न, ल, स ओष्ठौ उ, ऊ तथा ओष्ठ्य वर्ण प, फ, ब, भ, म सरल स्मरण-सूत्र
कण्ठ — क तालु — च मूर्धा — ट दन्त — त ओष्ठ — प
अर्थात् वर्णमाला के पाँच वर्गों को इस क्रम से याद किया जा सकता है—
क-वर्ग → कण्ठ च-वर्ग → तालु ट-वर्ग → मूर्धा त-वर्ग → दन्त प-वर्ग → ओष्ठ
- कण्ठ्य वर्ण
जिन वर्णों का उच्चारण कण्ठ से होता है, वे कण्ठ्य वर्ण कहलाते हैं।
कण्ठ्य वर्ण— अ, आ, क, ख, ग, घ, ङ
उदाहरण: कमलम्, गगनम्, अग्निः।
- तालव्य वर्ण
जिन वर्णों का उच्चारण तालु से होता है, वे तालव्य वर्ण कहलाते हैं।
तालव्य वर्ण— इ, ई, च, छ, ज, झ, ञ, य, श
उदाहरण: चन्द्रः, जीवनम्, शिशुः।
- मूर्धन्य वर्ण
जिन वर्णों का उच्चारण मूर्धा से होता है, वे मूर्धन्य वर्ण कहलाते हैं।
मूर्धन्य वर्ण— ऋ, ॠ, ट, ठ, ड, ढ, ण, र, ष
उदाहरण: ऋषिः, राष्ट्रम्, षट्।
- दन्त्य वर्ण
जिन वर्णों का उच्चारण दन्तों के द्वारा होता है, वे दन्त्य वर्ण कहलाते हैं।
दन्त्य वर्ण— ऌ, त, थ, द, ध, न, ल, स
उदाहरण: तपः, नदी, धर्मः, सत्यं।
- ओष्ठ्य वर्ण
जिन वर्णों का उच्चारण ओष्ठों (होंठों) से होता है, वे ओष्ठ्य वर्ण कहलाते हैं।
ओष्ठ्य वर्ण— उ, ऊ, प, फ, ब, भ, म
उदाहरण: पुरुषः, फलम्, भवति, मुनिः।
- कक्षा 9 के लिए विशेष रूप से याद रखें
पाँच वर्गों के उच्चारण-स्थान
क-वर्ग → कण्ठ च-वर्ग → तालु ट-वर्ग → मूर्धा त-वर्ग → दन्त प-वर्ग → ओष्ठ
एक पंक्ति में
कण्ठे क-वर्गः, तालौ च-वर्गः, मूर्ध्नि ट-वर्गः, दन्तेषु त-वर्गः, ओष्ठयोः प-वर्गः।
- परीक्षा में पूछे जाने वाले सम्भावित प्रश्न
प्रश्न 1. क-वर्गस्य उच्चारणस्थानं किम्? उत्तरम्— क-वर्गस्य उच्चारणस्थानं कण्ठः अस्ति।
प्रश्न 2. च-वर्गस्य उच्चारणस्थानं किम्? उत्तरम्— च-वर्गस्य उच्चारणस्थानं तालुः अस्ति।
प्रश्न 3. ट-वर्गस्य उच्चारणस्थानं किम्? उत्तरम्— ट-वर्गस्य उच्चारणस्थानं मूर्धा अस्ति।
प्रश्न 4. त-वर्गस्य उच्चारणस्थानं किम्? उत्तरम्— त-वर्गस्य उच्चारणस्थानं दन्ताः सन्ति।
प्रश्न 5. प-वर्गस्य उच्चारणस्थानं किम्? उत्तरम्— प-वर्गस्य उच्चारणस्थानं ओष्ठौ स्तः।
ए,ऐ,ऒ,औ,व,पंचम वर्ण का उच्चारण स्थान
स्वर और विशेष वर्णों के उच्चारण-स्थान वर्ण उच्चारण-स्थान ए कण्ठ-तालु ऐ कण्ठ-तालु ओ कण्ठ-ओष्ठ औ कण्ठ-ओष्ठ व दन्त-ओष्ठ पञ्चम वर्ण अपने-अपने वर्ग का नासिका उच्चारण पञ्चम वर्ण
प्रत्येक वर्ग का पाँचवाँ वर्ण नासिक्य होता है—
क-वर्ग → ङ — कण्ठ्य च-वर्ग → ञ — तालव्य ट-वर्ग → ण — मूर्धन्य त-वर्ग → न — दन्त्य प-वर्ग → म — ओष्ठ्य
अतः पञ्चम वर्णों का मुख्य उच्चारण-स्थान नासिका माना जाता है, लेकिन उनका सम्बन्ध अपने-अपने वर्ग के उच्चारण-स्थान से भी रहता है।
व का उच्चारण
व = दन्तोष्ठ्य — इसका उच्चारण दन्त और ओष्ठ के संयोग से होता है।
स्मरण-सूत्र
ए, ऐ — कण्ठतालु ओ, औ — कण्ठोष्ठ व — दन्तोष्ठ ङ, ञ, ण, न, म — नासिक्य